जमघट म्हारे श्याम दरबार में लव अग्रवाल, अरविंद सहल, संजय शर्मा एवं कुमार मुकेश ने भक्तिमय भजनों से समा बांधा
लखनऊ। श्री श्याम ज्योत मंडल ऐशबाग के तिलकनगर स्थित महाराजा अग्रसेन पार्क में 44वां श्री श्याम निशानोत्सव धूमधाम मना रहा है। जमघट म्हारे श्याम का भजन संध्या के दूसरे दिन संजय शर्मा, लव अग्रवाल, अरविंद सहल एवं कुमार मुकेश ने लखनवी ठाठ एवं कोलकाता की सुरमयी अन्दाज में भक्तिमय भजनों की संतरगी छठा बिखेरे रहे थे। मीडिया प्रभारी अनुपम मित्तल ने बताया कि खाटू श्याम का दरबार दूसरे दिन रंगबिरंगी रोशनी से जगमगा रहा था। मल्ल राजवंश काल के राज दरबार में स्वर्ण कमल वाले सिंहासन पर कलयुग के अवतारी खाटू नरेश विराजमान थे। बाबा श्याम का शीश पर मोर पंख का स्वर्ण मुकुट, माथे पर तिलक, आंखे कजराली, कानों में कुण्डल, मुख व ललाट पर तेजपुंज के प्रकाशमय था। बाबा का बाघा हीरा पन्ना, बेशकीमती मोतियों से अलकृत एवं रंग बिरंगे फूलों से महक रहा था। बाबा की मनमोहिनी छवि भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। 50 फुट ऊंचा 111 फुट चौड़े खाटू नरेश दरबार के दोनों ओर पवनसुत हनुमान एवं बाबा श्याम का निशान चढ़ाये गये थे। राजमहल की दीवारों पर देवी देवताओं, टेराकोटा की नक्काशी उकेरी गई थी। राजदरबार में पुरी के भगवान जगनाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा के दर्शन भी हो रहे थे।
जमघट म्हारे श्याम के दूसरे दिन लव अग्रवाल ने मन की बाता सांवरिया से आज बताकर देख लो,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे…, अरविंद सहल ने ए श्याम तेरे हम जबसे दीवाने हो गए, कीर्तन की रात आज थानों आनो है…, संजय शर्मा ने किसी की नैया का मांझी बन जाता है, वो उंगली पकड़ता है, रास्ता दिखलाता है, रास्ता दिखलाता हैं…, वो भाव है मेरे भजन में, दुःख दूर हो जाए, मैं गाऊ तो वो आने को मजबूर हो जाए… जैसे कर्णप्रिय भजनों को सुनाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्सव के अंतिम चरण में भक्तों ने बाबा श्याम के संग रंग बिरंगे फूलों की होली खेली। श्याम ज्योत मंडल ने भजन गायकों एवं उत्सव में अपनी सेवा देने वाले सहयोगी को सम्मानित कर अभिनंदन किया। उत्सव के समापन पर भक्तों मंडल की ओर से प्रसाद वितरित गया।इस अवसर पर अध्यक्ष श्रवण अग्रवाल, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, सुरेश कंछल, सदस्य मुकेश अग्रवाल, सचिन कंछल, मोती कंछल, योगेन्द्र, विवेक, सक्षम, मोहित, निश्चल, वासु, श्रेयस, राजरानी अग्रवाल, साक्षी एवं श्याम भक्त मौजूद थे।
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