वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
बुलंदशहर के 67-अनूपशहर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में एक बड़ा प्रशासनिक घोटाला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि 27,000 से अधिक मतदाताओं और उनके संबंधियों के नामों में जानबूझकर उपनाम (सरनेम) जोड़े या हटाए गए हैं।
पहचान पत्र वही, नाम बदले: चुनावी शुचिता पर सवाल
जांच में खुलासा हुआ कि कई मतदेय स्थलों पर मतदाताओं के ईपिक (EPIC) नंबर वही रखे गए हैं, लेकिन उनके और उनके रिश्तेदारों के दर्ज नामों में हेरफेर कर दी गई है। आरोप है कि कुछ मामलों में मतदाता और उसके संबंधी के नाम अलग-अलग धर्मों के दर्ज कर दिए गए हैं। सपा का दावा है कि इस गंभीर गड़बड़ी से 2027 के विधानसभा चुनावों में निष्पक्ष मतदान प्रभावित करने की साजिश रची जा रही है।
एसआईआर प्रक्रिया की खुली पोल
उत्तर प्रदेश में 166 दिनों तक चली ‘स्पेशल समरी रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में इतनी बड़ी खामियों का सामने आना भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सपा नेताओं ने मांग की है कि पूरे प्रदेश में चलाए गए इस अभियान की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
नया ईपिक जारी करने और त्वरित सुधार की मांग
सपा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि अनूपशहर के सभी 448 बूथों पर मतदाता सूची को तत्काल शुद्ध किया जाए। प्रभावित 27 हजार से अधिक मतदाताओं को नए पहचान पत्र निःशुल्क जारी किए जाएं, ताकि आगामी चुनावों में नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन न हो सके।
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