वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस समय सरगर्मी तेज हो गई जब अमरोहा विधानसभा क्षेत्र (41) के सियासी समीकरणों को लेकर बड़ा दावा सामने आया। पिछले ढाई दशकों से यानी पूरे 25 वर्षों से समाजवादी पार्टी के अजेय दुर्ग कहे जाने वाले इस क्षेत्र में इस बार सत्ता का समीकरण पलटने का दावा किया गया है। क्षेत्र में दबदबा रखने वाले मौजूदा सपा विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री महबूब अली की बादशाहत को इस बार कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है।
भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय मंसूरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी बब्बू मंसूरी ने एक तीखे बयान में यह दावा किया है कि इस बार के चुनावी रण में वर्तमान विधायक महबूब अली की हार अब पूरी तरह सुनिश्चित हो चुकी है। दशकों से एकछत्र राज कर रहे राजनीतिक समीकरणों पर कटाक्ष करते हुए हाजी बब्बू मंसूरी ने कहा कि जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और विकास के दावों की जमीनी हकीकत सबके सामने आ चुकी है।
अमरोहा की सियासत में लंबे समय से एक ही दल और एक ही चेहरे के इर्द-गिर्द घूमती सत्ता के खिलाफ यह बयान राजनीतिक तापमान को अचानक बढ़ा गया है। स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि हाजी बब्बू मंसूरी का यह तीखा तेवर आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए सियासी भूचाल का संकेत दे रहा है, जिससे विपक्षी खेमे में हलचल मच गई है।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
