42 डेयरी इकाइयों पर छापे, 116 नमूने जांच को भेजे, चार एफआईआर दर्ज
मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाकर संगठित मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर गठित 27 अंतर्जनपदीय टीमों ने विभिन्न जिलों में एक साथ छापेमारी कर दूध, पनीर, घी, दही और अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण प्रतिष्ठानों की गहन जांच की।
116 नमूने, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त
विशेष अभियान के दौरान 42 डेयरी इकाइयों एवं प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए 116 नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला भेजे गए। इसके अलावा लगभग 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 28.50 लाख रुपये आंकी गई। वहीं मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 9 क्विंटल खाद्य पदार्थों का विनष्टीकरण भी कराया गया।
चार जिलों में एफआईआर
गंभीर अनियमितताओं के चलते अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और मथुरा में कुल चार एफआईआर दर्ज की गईं। अधिकारियों ने बिना लाइसेंस उत्पादन, प्रतिबंधित अपमिश्रकों के उपयोग तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण जैसे मामलों को गंभीर अपराध मानते हुए कानूनी कार्रवाई की।

नकली घी, पनीर और दूध का खुलासा
अमरोहा में उमंग डेयरी से हजारों किलोग्राम व्हे पाउडर एवं स्क्रैप पाउडर जब्त किया गया, जबकि अलीगढ़ में नकली पनीर और बदायूं में मिलावटी दूध एवं घी तैयार किए जाने का मामला सामने आया। मथुरा की कई डेयरियों से भी संदिग्ध घी और पनीर जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है।
सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराने पर जोर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य संगठित मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई करना है, न कि छोटे दुकानदारों या हाकरों को परेशान करना। विभाग ने कहा कि आम जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।
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