बसपा को ‘अंबेडकरवादी मिशन’ की पार्टी बताया, समर्थकों से सतर्क रहने की अपील
राजनीतिक चालबाजियों से दूरी का दावा
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी अन्य राजनीतिक दलों की तरह धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम, हंगामा या सरकारी एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों में विश्वास नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि बसपा संविधान, सामाजिक न्याय और “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की नीति पर चलने वाली अंबेडकरवादी पार्टी है।
चार बार की सरकार का किया उल्लेख
मायावती ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा की चार बार की सरकार ने कानून-व्यवस्था, जनकल्याण और विकास के क्षेत्र में मिसाल पेश की थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान “कानून द्वारा कानून का राज” स्थापित हुआ और सभी वर्गों के साथ न्याय सुनिश्चित किया गया।
विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए विरोधी दल बसपा के बढ़ते जनाधार से चिंतित हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ संगठनों और राजनीतिक समूहों के माध्यम से दलित, पिछड़े, आदिवासी और अन्य बहुजन वर्गों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
युवाओं को दिया संयम का संदेश
मायावती ने कहा कि बसपा नहीं चाहती कि गरीब, मजदूर, बेरोजगार युवा या वंचित समाज के लोग आंदोलनों के दौरान कानूनी कार्रवाई, मुकदमों या जेल जैसी परिस्थितियों में फंसकर अपना भविष्य खतरे में डालें। उन्होंने समर्थकों से संयम और जागरूकता बनाए रखने की अपील की।
महापुरुषों के मिशन पर चलने का आह्वान
उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, छत्रपति शाहूजी महाराज, डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि बसपा सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक उत्थान के लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने तथा विरोधियों के कथित दुष्प्रचार से सावधान रहने का आह्वान किया।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
