वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी केएलएम एक्सिवा फिनवेस्ट लिमिटेड की अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार करते हुए ₹2.70 लाख का मौद्रिक जुर्माना ठोका है। 22 सितंबर 2026 के अपने आदेश में नियामक ने कंपनी को ‘नीलामी’ (Auction) प्रक्रिया से जुड़े सख्त दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाने का दोषी पाया है।
ग्राहकों के हक पर मार: नहीं लौटाया सोने की नीलामी का बचा पैसा
31 मार्च 2025 की वित्तीय स्थिति के आधार पर किए गए वैधानिक निरीक्षण में कंपनी का एक बड़ा घालमेल उजागर हुआ। जांच में यह आरोप पूरी तरह साबित हुआ कि केएलएम एक्सिवा फिनवेस्ट ने गिरवी रखे गए सोने के गहनों की नीलामी की, लेकिन बकाया ऋण राशि काटने के बाद बची अतिरिक्त सरप्लस राशि ग्राहकों को नहीं लौटाई। ग्राहकों की गाढ़ी कमाई और संपत्ति पर डाका डालने का यह कृत्य वित्तीय नैतिकता की सीमाओं को पार करता है।
सफाई खारिज, कसूर साबित
आरबीआई द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में कंपनी ने अपनी दलीलें और अतिरिक्त दस्तावेज पेश किए, लेकिन व्यक्तिगत सुनवाई में भी वह खुद को बेकसूर साबित करने में नाकाम रही। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 की धारा 58-G(1)(b) और 58-B(5)(aa) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्रीय बैंक ने इस दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया।
साख पर बट्टा, नियामक का सख्त संदेश
यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि स्वर्ण ऋण (Gold Loan) के नाम पर आम जनता के साथ धोखाधड़ी और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि यह कार्रवाई केवल नियमावली के पालन में चूक पर आधारित है, लेकिन इसने वित्तीय बाज़ार में कंपनी की साख को गहरा धक्का पहुंचाया है
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