CAPEX संकेतों ने बढ़ाई चिंता, 2026-27 की निवेश योजनाओं में दिखी सुस्ती
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
बड़े आंकड़े, छोटी रफ्तार
देश के निजी कॉरपोरेट क्षेत्र में पूंजीगत निवेश की तस्वीर जितनी बड़ी दिखाई देती है, उसके भीतर छिपे संकेत उतने ही बेचैन करने वाले हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के CAPEX-2025 सर्वेक्षण के अनुसार, 2026-27 के लिए 4,203 उद्यमों की रिपोर्टिंग के आधार पर कुल अनुमानित निवेश ₹9,55,281 करोड़ है। लेकिन सर्वेक्षण के समान पैनल में 2026-27 का इच्छित CAPEX, 2024-25 के वास्तविक CAPEX की तुलना में महज 1.9 प्रतिशत अधिक है।
निवेश का तापमान ठंडा
यही मामूली बढ़त निजी निवेश की गति पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करती है। 2024-25 में समान 3,819 उद्यमों का वास्तविक CAPEX ₹6,00,123 करोड़ था, जो 2025-26 में ₹6,11,161 करोड़ और 2026-27 में ₹6,11,412 करोड़ के इच्छित स्तर तक पहुंचता है। यानी आगे की छलांग बेहद सीमित है।
आधे से अधिक संकेत नहीं
और चिंता की दूसरी परत ज्यादा गहरी है। 2026-27 के लिए जानकारी न देने वाले उद्यमों में 50.90 प्रतिशत ने कहा कि कोई CAPEX करने का इरादा नहीं है। 21.7 प्रतिशत का कुल non-response भी दर्ज हुआ। यह तस्वीर निजी निवेश के भीतर मौजूद सावधानी और अनिश्चितता को उजागर करती है।
विनिर्माण पर भार
2026-27 के प्रस्तावित ₹9,55,281 करोड़ में विनिर्माण क्षेत्र अकेले ₹4,23,705 करोड़ यानी 44.35 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। बिजली, गैस और एयर-कंडीशनिंग क्षेत्र 14.94 प्रतिशत तथा सूचना एवं संचार 14.38 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आगे हैं। इससे संकेत मिलता है कि निवेश व्यापक रूप से फैलने के बजाय कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में केंद्रित है।
रणनीति में खाली जगह
निजी क्षेत्र की निवेश रणनीति भी पूरी तरह आक्रामक नहीं दिखती। 48.63 प्रतिशत उद्यमों ने core assets पर निवेश की योजना बनाई, 38.36 प्रतिशत ने मौजूदा परिसंपत्तियों के उन्नयन पर खर्च किया, जबकि 20.15 प्रतिशत ने उपलब्ध विकल्पों में कोई विशिष्ट निवेश रणनीति रिपोर्ट नहीं की।
कर्ज का साया
CAPEX के वित्तपोषण में 65.35 प्रतिशत हिस्सा आंतरिक संसाधनों से आया, जबकि घरेलू कर्ज की हिस्सेदारी 23.25 प्रतिशत रही। विदेशी स्रोत—FDI और विदेशी ऋण—मिलाकर केवल 3.42 प्रतिशत रहे। यह तस्वीर बताती है कि निजी निवेश की बड़ी निर्भरता कंपनियों की अपनी वित्तीय क्षमता पर है।
हरित निवेश भी सीमित
हरित ऊर्जा और रोबोटिक्स जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी भागीदारी व्यापक नहीं है। 2026-27 में केवल 2.25 प्रतिशत उद्यमों ने रोबोटिक्स में CAPEX की योजना बताई। विनिर्माण क्षेत्र में भी यह अनुपात 5.83 प्रतिशत से घटकर 4.50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
सवाल बड़ा है
CAPEX उत्पादन क्षमता, रोजगार और उत्पादकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में निवेश की मामूली वृद्धि, बड़ी संख्या में शून्य-CAPEX संकेत और सीमित भविष्यवादी निवेश निजी क्षेत्र की जोखिम लेने की क्षमता पर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि सर्वेक्षण स्वयं स्पष्ट करता है कि ये निवेश योजनाएं अंतिम मंजूरियां नहीं हैं और बदलती बाजार परिस्थितियों के साथ संशोधित हो सकती हैं।
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