ECLGS 5.0 ने पार किया 4.11 लाख गारंटी का आंकड़ा, सरकार बोली– कारोबार को मिली नई सांस!
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
सरकार की आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS 5.0) ने शुरुआत से ही रफ्तार पकड़ ली है। महज कुछ ही हफ्तों में 4.11 लाख से अधिक गारंटी जारी हो चुकी हैं और गारंटी वाली राशि ₹1.55 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है।
एमएसएमई की निकली लॉटरी?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जारी गारंटियों में 98 प्रतिशत लाभार्थी एमएसएमई हैं। कुल गारंटी राशि का 82 प्रतिशत हिस्सा भी इन्हीं छोटे कारोबारों को मिला है। यानी सरकार का फोकस साफ है—पहले छोटे उद्योग, फिर बाकी दुनिया।
सवाल भी कम नहीं…
योजना का उद्देश्य नकदी संकट से जूझ रहे कारोबारों को राहत देना है, लेकिन बाजार में चर्चा यह भी है कि गारंटी मिलना और कारोबार संभल जाना दो अलग बातें हैं। चुनौती यह होगी कि यह कर्ज उत्पादन, रोजगार और कारोबार बढ़ाने में कितना सफल होता है।
जागरूकता का जोरदार अभियान
सरकार ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए देशभर में अभियान शुरू किया है। पहले चरण में नौ स्थानों पर कार्यक्रम पूरे हुए, जबकि दूसरे चरण के तहत दस स्थानों पर अभियान चलाया जा रहा है। मकसद है कि पात्र उद्यमी योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
राहत का रास्ता या कर्ज का नया सफर?
ECLGS 5.0 निश्चित रूप से नकदी संकट से जूझ रहे उद्योगों के लिए राहत का माध्यम बन सकता है। हालांकि इसकी असली सफलता तब मानी जाएगी जब यह गारंटी रोजगार, उत्पादन और कारोबार की वास्तविक वृद्धि में बदलती दिखाई दे।
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