देशभर में मजबूत हुई फूड टेस्टिंग प्रणाली, मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा
259 मान्यता प्राप्त लैब, 305 ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ और 88 रैपिड टेस्ट किट बने बड़ी ताकत
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
देश में खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती देने की दिशा में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने परीक्षण तंत्र को अभूतपूर्व स्तर तक विस्तारित कर दिया है। सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट, गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयोगशालाओं, मोबाइल टेस्टिंग सुविधाओं और अत्याधुनिक रैपिड टेस्टिंग तकनीकों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया है।
259 लैब का राष्ट्रीय सुरक्षा कवच
एफएसएसएआई ने खाद्य नमूनों की जांच के लिए 259 एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं तथा अपील संबंधी मामलों के लिए 24 रेफरल फूड लैब्स को अधिसूचित किया है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
गांव-गांव पहुंचेगी खाद्य सुरक्षा
एसओएफटीईएल योजना के तहत 47 राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किया गया है, जबकि 34 विशेष सूक्ष्मजीव विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इसके साथ ही 35 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 305 “फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स” मोबाइल प्रयोगशालाएं संचालित की जा रही हैं, जो गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक परीक्षण एवं जागरूकता पहुंचा रही हैं।
अब घर पर भी मिलावट की पहचान
एफएसएसएआई ने आम नागरिकों के लिए “मैजिक बॉक्स” और DART (Detect Adulteration with Rapid Test) पुस्तिका विकसित की है। इनकी सहायता से दूध, मसाले, तेल, मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में सामान्य मिलावट की पहचान घर पर ही सरल परीक्षणों से की जा सकती है।
88 रैपिड टेस्टिंग किट से बढ़ी निगरानी
देशभर में 88 रैपिड एनालिटिकल फूड टेस्टिंग (RAFT) किट को मंजूरी दी जा चुकी है। ये पोर्टेबल उपकरण मौके पर ही त्वरित जांच कर खाद्य सुरक्षा निगरानी को तेज और प्रभावी बना रहे हैं।
उपभोक्ता विश्वास होगा मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रयोगशालाओं के विस्तार, डिजिटल निगरानी, मोबाइल परीक्षण और त्वरित जांच तकनीकों के संयोजन से भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी तथा मिलावटखोरों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
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