लंबे इंतजार के बाद यूपी अल्पसंख्यक आयोग का गठन, मोहसिन रजा बने अध्यक्ष
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से रिक्त चल रहे राज्य अल्पसंख्यक आयोग का आखिरकार गठन कर दिया गया है। राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण अनुभाग-4 की ओर से जारी कार्यालय आदेश में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नाम घोषित किए गए हैं। शासनादेश के अनुसार मोहसिन रजा को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि आठ अन्य लोगों को सदस्य नामित किया गया है।
शासनादेश में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1994 की धारा-3 और धारा-4(1) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए नियुक्तियां की गई हैं। अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त, जो भी पहले हो, निर्धारित किया गया है।
नवगठित आयोग में मोहसिन रजा अध्यक्ष, जबकि संदीप जैन, डॉ. आशीष जैन, अंशुमान कुमार सिंह मैसी, मोहम्मद असलम, सरदार परविन्दर सिंह बेदी, सुश्री नेहा खान, सैय्यद अब्बास रिजवी और श्रीमती रूमाना सिद्दीकी को सदस्य नामित किया गया है।
आयोग के गठन को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे अपनी पार्टी की कानूनी लड़ाई की जीत बताया है। अखिलेश यादव के मुताबिक, उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में रिट याचिका संख्या 34/2025 दाखिल की थी और आयोग के गठन को लेकर लगातार पैरवी एवं प्रयास किए गए। उनका कहना है कि इन्हीं प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य सरकार ने अब लंबे समय से रिक्त आयोग का गठन किया है।
अखिलेश यादव ने नवगठित आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा तथा सभी सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेगा और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मामलों को मजबूती से उठाएगा।
सरकार के इस फैसले के साथ आयोग को नया नेतृत्व मिल गया है। लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नियुक्तियों के बाद अब आयोग के कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। राजनीतिक तौर पर भी इस गठन को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि समाजवादी पार्टी इसे अपनी न्यायिक पहल और लगातार की गई पैरवी का परिणाम बता रही है।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
