उर्स मुबारक के सिलसिले में सज्जादा नशीन ख्वाजा मोहम्मद सबाहत हसन शाह ने दी जानकारी
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल।
हजरत ख्वाजा मोहम्मद नबी रजा शाह, जिन्हें अकीदतमंद मोहब्बत से दादा मियां (रह.) के नाम से याद करते हैं, के 119वें सालाना उर्स मुबारक के सिलसिले में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। उर्स को लेकर दरगाह से जुड़े लोगों और अकीदतमंदों में उत्साह का माहौल है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन दरगाह दादा मियां रोड, गाल एवेन्यू, यूपीसीसी के निकट, लखनऊ में किया गया। इस दौरान दरगाह के सज्जादा नशीन ख्वाजा मोहम्मद सबाहत हसन शाह की ओर से उर्स मुबारक से संबंधित जानकारी साझा की गई।
दादा मियां की दरगाह लंबे समय से अकीदत, रूहानी परंपरा और आपसी भाईचारे से जुड़ा प्रमुख केंद्र रही है। सालाना उर्स के मौके पर बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद दरगाह पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मोहब्बत, इंसानियत और सामाजिक एकजुटता का संदेश देने वाला अवसर भी माना जाता है।
119वें सालाना उर्स के आयोजन को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसके माध्यम से उर्स से जुड़ी तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का माध्यम तैयार होता है। दरगाह प्रबंधन की ओर से उर्स को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सज्जादा नशीन ख्वाजा मोहम्मद सबाहत हसन शाह ने उर्स मुबारक के अवसर पर दरगाह से जुड़ी परंपराओं और अकीदतमंदों की भागीदारी के महत्व को सामने रखा। उर्स के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से जायरीन के पहुंचने की उम्मीद रहती है।
दादा मियां के 119वें सालाना उर्स का संदेश रूहानी आस्था के साथ-साथ मोहब्बत, अमन, इंसानियत और भाईचारे को मजबूत करने का भी है। आयोजन को लेकर अकीदतमंदों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
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