नई वस्त्र नीति की दिशा तय करेगा उद्योग का अनुभव, कानपुर में CII UPTEX रोडशो ने खोले विकास के नए रास्ते
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
उत्तर प्रदेश की नई वस्त्र नीति को उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने उत्तर प्रदेश सरकार के हथकरघा एवं वस्त्र निदेशालय के सहयोग से कानपुर में UPTEX रोडशो आयोजित किया। इसमें नीति-निर्माताओं, वस्त्र निर्माताओं, निर्यातकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सीधे संवाद करते हुए क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन किया।
यह रोडशो 8-9 सितंबर 2026 को लखनऊ में प्रस्तावित UPTEX 2026 से पहले आयोजित किया गया। चर्चा का केंद्र रहा कि उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख वस्त्र विनिर्माण और निवेश केंद्रों में और मजबूती से कैसे स्थापित किया जाए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्र मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे उद्योग और निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने एक जिला एक उत्पाद (ODOP) को स्थानीय उत्पादों, कारीगरों और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
मंत्री ने कहा कि वस्त्र नीति के तहत नई इकाइयों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बदलती औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए सरकार नई योजनाओं और सहायता उपायों पर भी काम कर रही है।
मंडलायुक्त कानपुर एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने कानपुर की औद्योगिक ताकत का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से रक्षा और तकनीकी वस्त्रों में शहर की बढ़ती संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने उद्योग जगत से UPTEX में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
संयुक्त आयुक्त प्रमोद चंद्र ठाकुर ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र में उत्साहजनक वृद्धि के बाद अब निवेश, आधुनिकीकरण, निर्यात और रोजगार को नई गति देने का समय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई वस्त्र नीति को प्रभावी बनाने के लिए उद्योग के सुझाव बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
CII कानपुर जोन के चेयरमैन गौरव पिलानिया ने बुनियादी ढांचे, तकनीकी उन्नयन, निर्यात और तकनीकी वस्त्रों के विकास को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई। वाइस-चेयरमैन सुदीप गोयनका ने कहा कि कानपुर में मजबूत औद्योगिक क्षमता मौजूद है, जिसे तकनीकी और रक्षा वस्त्रों जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार दिया जा सकता है।
Threads India Pvt. Ltd. के वाइस प्रेसिडेंट मनीष बलानी ने मौजूदा इकाइयों के लिए बेहतर सहयोग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मजबूत करने की जरूरत बताई। Meenu Creations के CEO अमन पेशावरी ने वैश्विक बाजार में बढ़ती सस्टेनेबिलिटी की मांग और कौशल विकास पर जोर दिया। Universal Yarns & Tex Pvt. Ltd. के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव किशोर भारतीय ने तकनीकी अपनाने और आधुनिकीकरण को आवश्यक बताया।
रोडशो में नई वस्त्र नीति के लिए उद्योग जगत की ओर से कई अहम सुझाव सामने आए। इनमें आधुनिक वस्त्र बुनियादी ढांचा, नियामकीय बाधाओं का समाधान, MSMEs को मजबूत समर्थन, मौजूदा इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मकता, निवेश सुगमता, निर्यात विस्तार और तकनीकी वस्त्रों में नए अवसर प्रमुख रहे।
अब नजर 8-9 सितंबर को लखनऊ में होने वाले UPTEX 2026 पर है, जहां इन सुझावों को व्यापक मंच मिल सकता है। उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग के लिए चुनौती सिर्फ निवेश खींचने की नहीं, बल्कि ऐसी नीति बनाने की है जो जमीन पर कारोबार, रोजगार और निर्यात को वास्तविक गति दे सके।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
