ग्रामीण सेवा, संवेदनशीलता और नवाचार का संदेश
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के 22वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नव चिकित्सकों को सेवा, संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।
समारोह में 1,707 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 20 मेधावी छात्रों को 54 पदकों से सम्मानित किया गया। हरदोई के 400 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित की गईं और 200 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने युवा डॉक्टरों से कम से कम तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने, मातृ स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा डिजिटल हेल्थ आईडी और डिजिलॉकर जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग से 64,743 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाया जा चुका है और 1.62 लाख से अधिक एचपीवी वैक्सीन डोज दी जा चुकी हैं। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा, हॉस्टल सुविधाओं और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।

मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “चिकित्सक के हाथों में केवल डिग्री नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा और सेवा का दायित्व होता है।” उन्होंने कहा कि मरीज सबसे कठिन समय में डॉक्टर पर सबसे अधिक भरोसा करता है, इसलिए संवेदनशीलता ही एक चिकित्सक की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार की प्राथमिकता बताया। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अनुसंधान आधारित प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
