वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय क्षेत्र में ग्राहक सेवा और शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुंबई में ‘इंटरनल ओम्बड्समैन (आंतरिक लोकपाल) के तीसरे वार्षिक सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया। इस उच्चस्तरीय सम्मेलन में देश के विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs), क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (CICs) के आंतरिक लोकपालों सहित प्रबंध निदेशकों (MDs), मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs), मुख्य नोडल अधिकारियों और आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
मूल कारणों का विश्लेषण कर बार-बार होने वाली समस्याओं को रोकें सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरबीआई के डिप्टी गवर्नर श्री स्वामीनाथन जे. ने आंतरिक लोकपालों (IOs) से आह्वान किया कि वे ग्राहकों की शिकायतों का अर्थपूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंतरिक लोकपाल केवल शिकायतों का निपटारा न करें, बल्कि बार-बार सामने आने वाली समस्याओं को चिन्हित कर उनके मूल कारणों का गहन विश्लेषण (Root Cause Analysis) करें। उन्होंने वित्तीय संस्थानों को सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी ताकि शिकायतों के बाहरी स्तर (आरबीआई लोकपाल) तक बढ़ने की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
शीर्ष प्रबंधन आंतरिक लोकपाल तंत्र को अधिक सशक्त बनाए डिप्टी गवर्नर ने बैंकों के बोर्ड और वरिष्ठ प्रबंधन को निर्देशित किया कि वे आंतरिक लोकपाल तंत्र को पूर्ण रूप से सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से प्राप्त होने वाले अनुभवों और जानकारियों (Insights) का उपयोग वित्तीय संस्थानों को अपनी आंतरिक ग्राहक सेवा और शिकायत निवारण प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। सत्र के दौरान शिकायत निवारण क्षेत्र में हाल के विकास, नियामक अपेक्षाओं और प्रणालीगत सुधारों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए खुला सत्र (Open-House) आयोजित सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में इस बात पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया कि शिकायतों का निपटारा न केवल तेजी से हो, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी उच्च स्तरीय हो। इस अवसर पर रिजर्व बैंक की कार्यकारी निदेशक श्रीमती सोनाली सेन गुप्ता ने एक ‘ओपन-हाउस’ सत्र के माध्यम से उपस्थित प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने आंतरिक लोकपाल ढांचे की कार्यप्रणाली को और अधिक व्यावहारिक व सशक्त बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
