801 सैंपल, करोड़ों का माल जब्त; कई फैक्ट्रियां सील, FIR दर्ज
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
उत्तर प्रदेश में मिलावटी और नकली खाद्य उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा अभियान चलाकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। प्रदेशभर में सॉस, जैम, जेली, मयोनीज, चटनी और अचार बनाने वाली इकाइयों पर ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान 496 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 801 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए।
कार्रवाई के दौरान लगभग 338.61 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹27.77 लाख बताई गई। वहीं 259.33 क्विंटल खराब और मानव उपभोग के अयोग्य खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत लगभग ₹17.56 लाख आंकी गई।

अभियान के दौरान कई जिलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उन्नाव में सिंथेटिक रंग मिलाकर नकली सॉस तैयार करने तथा शाहजहांपुर में खराब सौंफ को रंगकर नई सौंफ के रूप में बेचने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई। कई फैक्ट्रियों को सील किया गया और बिना लाइसेंस संचालित इकाइयों को तत्काल बंद कराया गया।
लखनऊ में कालातीत सॉस और अचार जब्त किए गए, जबकि कानपुर नगर में हजारों लीटर एक्सपायर्ड सॉस और सड़ा हुआ कच्चा माल नष्ट कराया गया। गाजियाबाद, मथुरा, हाथरस, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर, बरेली, वाराणसी, चंदौली, हापुड़, कासगंज, बागपत, सहारनपुर और मऊ समेत कई जिलों में भी मानकविहीन खाद्य उत्पाद मिलने पर बड़ी कार्रवाई हुई।
विभाग ने स्पष्ट किया कि यह अभियान बड़े निर्माताओं, स्टॉकिस्टों और थोक कारोबारियों पर केंद्रित था तथा छोटे दुकानदारों और 50 किलोग्राम से कम उत्पादन करने वाले खाद्य कारोबारियों को इससे बाहर रखा गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी कंपनियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मिलावटखोरों और नकली खाद्य उत्पाद बनाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।
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