वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
उत्तर प्रदेश के शहरों को पर्यावरण अनुकूल, स्वच्छ और सतत (सस्टेनेबल) बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। एचसीएलटेक (HCLTech) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) शाखा, ‘एचसीएल फाउंडेशन’ ने राज्य में स्वच्छ भारत मिशन के विजन को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस रणनीतिक साझेदारी के तहत प्रथम चरण में हरदोई, प्रयागराज और आगरा में वैज्ञानिक पद्धति से कचरा प्रबंधन प्रणालियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
रणनीतिक योजना और आईटी-संचालित समाधान: जमीन पर उतरेंगे ठोस कचरा प्रबंधन के पायलट प्रोजेक्ट
इस द्विपक्षीय सहयोग के अंतर्गत दोनों संस्थाएं मिलकर कचरा प्रबंधन प्रणालियों में सुधार के लिए रणनीतिक योजना, नीतिगत व प्रक्रियात्मक सुधार और पायलट प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगी। व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर आईटी-सक्षम (IT-enabled) तकनीकी समाधानों को तैनात किया जाएगा। एचसीएल फाउंडेशन के ‘माई क्लीन सिटी’ (My Clean City) कार्यक्रम के तहत इस साझेदारी को धरातल पर उतारने के लिए दोनों पक्षों ने पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।
हरदोई में आधुनिक कचरा वाहनों को हरी झंडी; मॉडल वार्ड और रिवर्स वेंडिंग मशीनों का अनावरण
इस अभियान की शुरुआत करते हुए हरदोई नगर पालिका परिषद को एचसीएल फाउंडेशन द्वारा दान किए गए 10 ई-ड्रेन कार्ट (ई-नाली गाड़ियां) और 10 ई-गारबेज लोडर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही शहर में तीन आधुनिक ‘रिवर्स वेंडिंग मशीनें’ भी स्थापित की गईं। हरदोई शहर के सौंदर्यीकरण के लिए दीवारों पर वाल-आर्ट बनाने के साथ-साथ, फाउंडेशन ने शहर के तीन प्रमुख बाजारों और तीन वार्डों को पूर्णतः ‘मॉडल मार्केट’ और ‘मॉडल वार्ड’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की है।
संस्थागत क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता का अनूठा संगम: स्वच्छ भारत मिशन को मिलेगी नई रफ्तार
नगर विकास विभाग के सचिव एवं राज्य मिशन निदेशक (स्वच्छ भारत मिशन-शहरी) अनुज कुमार झा (IAS) ने बताया कि यह साझेदारी संस्थागत क्षमता और व्यावहारिक विशेषज्ञता को एक मंच पर लाती है, जो शहरी स्वच्छता प्रयासों को गति देगी। वहीं, एचसीएल फाउंडेशन के परियोजना निदेशक आलोक वर्मा ने स्पष्ट किया कि ‘माई क्लीन सिटी’ एक नागरिक-नेतृत्व वाला कार्यक्रम है, जिसे वित्त वर्ष 2026 में इन तीन नए शहरों में विस्तारित किया गया है। वर्ष 2018 में शुरू हुए इस कार्यक्रम के जरिए अब तक 7.5 लाख नागरिकों को जागरूक किया जा चुका है और 22,000 टन से अधिक कचरे का सुरक्षित प्रबंधन किया गया है।
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