वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने अयोध्या के प्रतिष्ठित मंदिर में कथित ‘चढ़ावा, चंदा और दान चोरी’ के मामले को लेकर सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी पर अब तक का सबसे बड़ा और गंभीर हमला बोला है। सपा राज्य मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक वक्तव्य में अखिलेश यादव ने कहा कि आस्था के केंद्र से जुड़ी इस वित्तीय अनियमितता का समाचार अब वैश्विक स्तर पर फैल चुका है। इस कृत्य के कारण दुनिया भर में रहने वाला सनातन समाज न केवल आक्रोशित है, बल्कि स्वयं को गहरा आहत और शर्मसार महसूस कर रहा है।
वैश्विक सनातनी आहत; भाजपा के कृत्यों से देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विश्वसनीयता खतरे में
सपा मुखिया ने कहा कि विदेशों में रहने वाले लाखों प्रवासी भारतीयों और सनातनी श्रद्धालुओं ने अपनी अटूट श्रद्धा के वशीभूत होकर मंदिर में भारी दान-चंदा भेजा था या स्वयं आकर अर्पण किया था। परंतु, भाजपा और उनके संगी-साथियों के प्रशासनिक नियंत्रण में हुई इस कथित हेराफेरी ने भारत की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक साख को गंभीर चोट पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन ‘भाजपाई अधर्मियों’ के कारण आज पूरे विश्व में देश को अपयश का शिकार होना पड़ रहा है, जिसने देश की छवि को धूमिल किया है।
आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका: निवेशकों का घटा भरोसा, हाथ खींच रहे हैं ग्लोबल इन्वेस्टर्स
आर्थिक और वित्तीय समावेशन के परिप्रेक्ष्य में इस मुद्दे को जोड़ते हुए अखिलेश यादव ने एक अत्यंत गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के कारण दुनिया भर के बड़े निवेशक अब उत्तर प्रदेश और भारत से अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं। निवेशकों के भीतर यह गहरा अविश्वास पैदा हो गया है कि जो सरकार अपने भगवान के पावन दानपात्र तक की सुरक्षा और शुचिता सुनिश्चित नहीं कर सकी, वह बाहरी कॉरपोरेट निवेश और उनके पूंजी हितों को क्या सुरक्षा प्रदान करेगी। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने वक्तव्य की पुष्टि करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुकी है।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
