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RBI की कड़ी कार्रवाई: नियमों की अनदेखी पर ‘श्री राम फाइनेंस कॉरपोरेशन’ पर लगा भारी जुर्माना

वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल

 देश की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में, रिजर्व बैंक ने नियमों का उल्लंघन करने पर ‘श्री राम फाइनेंस कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड’ पर 8.10 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह दंडात्मक कार्रवाई आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए 19 अगस्त 2026 के एक आदेश के जरिए की गई है।

केंद्रीय बैंक द्वारा कंपनी की वित्तीय स्थिति (31 मार्च 2025 तक) के आधार पर एक वैधानिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर कमियों और आरबीआई के दिशा-निर्देशों की अवहेलना को देखते हुए कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। कंपनी के लिखित और मौखिक जवाबों की समीक्षा के बाद, आरबीआई ने पाया कि संस्था कई मोर्चों पर नियमों का पालन करने में पूरी तरह विफल रही है:

  • बिना अनुमति प्रबंधन में बदलाव: कंपनी ने स्वतंत्र निदेशकों को छोड़कर अपने कुल निदेशकों में 30 प्रतिशत से अधिक का बदलाव किया, जिससे प्रबंधन में फेरबदल हुआ, लेकिन इसके लिए आरबीआई की पूर्व लिखित अनुमति नहीं ली गई।

  • KYC और जोखिम वर्गीकरण में लापरवाही: कंपनी अपने ग्राहकों को निम्न, मध्यम और उच्च जोखिम (Low, Medium & High Risk) श्रेणियों में वर्गीकृत करने के लिए कोई उचित प्रणाली स्थापित करने में असफल रही।

  • KYC डेटा अपलोड करने में देरी: निर्धारित समय सीमा के भीतर कई ग्राहकों के केवाईसी (KYC) रिकॉर्ड्स को ‘सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री’ (CKYCR) पर अपलोड नहीं किया गया था।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) में पाई गई कमियों के आधार पर की गई है। इसका ग्राहकों के साथ कंपनी के किसी भी वैध समझौते या लेनदेन की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह जुर्माना भविष्य के लिए साफ संकेत है कि वित्तीय नियमों में कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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