8 लाख प्रतिभागियों में चमकी आराध्या शाह, 13वीं जीनियस अवॉर्ड सेरेमनी में मिला सम्मान
प्रयास स्टूडेंट वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित 13वीं जीनियस अवॉर्ड सेरेमनी का भव्य आयोजन होली क्रॉस स्कूल, लखनऊ में किया गया। विज्ञान और गणित प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में प्रदेशभर से 8 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इनमें से करीब 4,300 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन सम्मान समारोह के लिए किया गया।
समारोह में चयनित विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यालयों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव बिष्ट ने प्रतिभाशाली बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल मनोरंजन जगत की हस्तियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें देश और प्रदेश के महान व्यक्तित्वों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा महत्वपूर्ण संस्थानों के बारे में भी जानकारी हासिल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति, संस्कार और सभ्यता से जोड़ना बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच और सही दिशा के माध्यम से उनमें ऐसी ऊर्जा पैदा की जा सकती है, जो उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करे।
इस अवसर पर मैनपुरी की आराध्या शाह ने सभी का विशेष ध्यान आकर्षित किया। करीब 8 लाख प्रतिभागियों के बीच प्रथम स्थान हासिल कर आराध्या ने अपने विद्यालय, परिवार और जनपद का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा बड़े शहरों की सीमाओं में बंधी नहीं होती।
होली क्रॉस स्कूल के संस्थापक तोमर ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ इंसानियत और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच मनुष्य तकनीक पर अधिक निर्भर होता जा रहा है। ऐसे समय में मानवीय संवेदनाओं को बचाए रखना जरूरी है, क्योंकि संवेदनशीलता ही मनुष्य को मशीनों से अलग पहचान देती है।

प्रयास स्टूडेंट वेलफेयर सोसाइटी के मुख्य कार्यपालक अमित श्रीवास्तव ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही दिशा, प्रोत्साहन और बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर आगे बढ़ने की क्षमता होती है। संस्था इसी क्षमता को निखारने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
मैनपुरी के एक विद्यालय से जुड़े युवा लव मोहन ने कहा कि छोटे शहरों और टियर-टू शहरों के बच्चे महानगरों के विद्यार्थियों से किसी भी स्तर पर कम नहीं हैं। जरूरत केवल उचित मार्गदर्शन और अवसर की है। उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय की दो छात्राओं ने भी प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर जिले और विद्यालय का नाम रोशन किया है।
समारोह ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर छोटे शहरों के विद्यार्थी भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
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