आठ वर्षों की साधना बनी प्रेरक जीवन-दस्तावेज़
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भारतीय रंगमंच, साहित्य और सिनेमा जगत की प्रतिष्ठित हस्ती सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूँ गुज़री है अब तलक’ का भव्य लोकार्पण मंगलवार को गोमती नगर स्थित होटल हिल्टन गार्डन में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन क्लब स्पिरिचुअल बाय अक् के तत्वावधान में किया गया, जिसमें साहित्य, कला और सामाजिक क्षेत्र की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।
वरिष्ठ हस्तियों ने किया लोकार्पण
पुस्तक का संयुक्त लोकार्पण वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार उदय प्रताप सिंह, डॉ. रति शंकर त्रिपाठी (अध्यक्ष, भारतेन्दु नाट्य अकादमी), स्वामी ओमा द अक्, डॉ. उमेश गौतम (महापौर, बरेली) तथा डॉ. तनु जैन (सीईओ, बरेली छावनी बोर्ड) ने किया।
‘आठ वर्षों का आत्मसंघर्ष है यह पुस्तक’
सीमा कपूर ने कहा कि ‘यूँ गुज़री है अब तलक’ केवल उनकी आत्मकथा नहीं, बल्कि संघर्ष, रिश्तों, रंगमंच, सिनेमा और साहित्य की जीवन-यात्रा का सच्चा दस्तावेज़ है। उन्होंने बताया कि इस कृति को पूर्ण करने में उन्हें पूरे आठ वर्ष लगे और इसमें जीवन के अनुभवों, संवेदनाओं तथा आत्ममंथन को पूरी ईमानदारी से शब्द दिए गए हैं।
प्रेरणा का स्रोत बनी कृति
उदय प्रताप सिंह ने पुस्तक को संवेदनशील जीवन-दस्तावेज़ बताते हुए कहा कि यह संघर्ष, आत्मविश्वास और रचनात्मकता का प्रभावशाली समन्वय है। डॉ. रति शंकर त्रिपाठी ने इसे रंगकर्मियों और साहित्यकारों के लिए प्रेरणादायी कृति बताया। स्वामी ओमा द अक् ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और यह पुस्तक जीवन मूल्यों को सशक्त रूप से स्थापित करती है।
डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि समाज को ऐसे साहित्य की आवश्यकता है जो नई पीढ़ी में संस्कार और आत्मविश्वास का संचार करे। वहीं डॉ. तनु जैन ने इसे विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरक कृति बताया।
गरिमापूर्ण रहा आयोजन
अतिथियों का स्वागत हितेश अक, डॉ. अर्चना दीक्षित, अमित श्रीवास्तव और साकिब भारत ने माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर किया। स्वागत भाषण हितेश अक ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ‘हम भारत अभियान’ के अध्यक्ष साकिब भारत ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. अनीता सहगल ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।

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