पूजा श्रीवास्तव
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के स्थानीय प्रधान कार्यालय, लखनऊ में राजभाषा पखवाड़ा 2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आयोजित राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य महाप्रबंधक श्री दिपेश राज ने कहा कि राजभाषा का प्रयोग केवल एक औपचारिक दायित्व नहीं है, बल्कि यह कार्यालयीन कामकाज को अधिक सरल, स्पष्ट और प्रभावी बनाने का एक सशक्त माध्यम है।
उन्होंने उपस्थित विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से आह्वान किया कि हिंदी को केवल पवाड़े तक सीमित न रखते हुए, इसे दैनिक कार्य-व्यवहार का सहज हिस्सा बनाया जाना चाहिए। मुख्य महाप्रबंधक ने बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों के साथ बेहतर संवाद के लिए सरल और आत्मीय भाषा के उपयोग पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीन तकनीकी साधनों का उपयोग कर हिंदी में कामकाज को और अधिक सुगम बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
‘वातायन’ पत्रिका और ज्ञान पुस्तिका का विमोचन
समारोह के दौरान मंडल राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित त्रैमासिक पत्रिका ‘वातायन’ के नवीन अंक तथा ‘राजभाषा ज्ञान पुस्तिका’ के सप्तम संस्करण का औपचारिक विमोचन किया गया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, लखनऊ द्वारा बैंक को ‘राजभाषा शील्ड’ में द्वितीय पुरस्कार तथा ‘वातायन’ को ‘गृह पत्रिका शील्ड’ में प्रथम पुरस्कार मिलने पर मुख्य महाप्रबंधक ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजभाषा टीम को बधाई दी।
उत्कृष्ट विभागों को मिला सम्मान
पखवाड़े के दौरान मंडल स्तर पर स्टाफ सदस्यों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। उत्कृष्ट राजभाषा कार्यान्वयन के लिए परिसर एवं संपदा विभाग को विजेता तथा जांच एवं निगरानी विभाग को उपविजेता की विभागीय राजभाषा शील्ड प्रदान की गई।
बैठक में महाप्रबंधक श्री कौशलेंद्र कुमार, श्री विमल किशोर, श्री राजीव कुमार, उप महाप्रबंधकगण और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) श्री दिवाकर मणि ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मंडल विकास अधिकारी श्री धीरेन्द्र महे ने किया।
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