PFRDA और DICCI ने प्रयागराज में NPS जागरूकता अभियान को दी नई गति
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) एवं दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न उद्योगों एवं व्यवसायों से जुड़े 48 एमएसएमई प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सेवानिवृत्ति सुरक्षा पर विशेष जोर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता PFRDA के उप महाप्रबंधक सुधीर सिंह ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की विशेषताओं, कर लाभों तथा दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एमएसएमई उद्यमियों से स्वयं के साथ-साथ अपने कर्मचारियों को भी एनपीएस से जोड़ने का आह्वान किया, ताकि भविष्य में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैंकों और उद्योग जगत की अहम भूमिका
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) प्रयागराज राहुल ने कहा कि एनपीएस के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिकाधिक नामांकन में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं एमएसएमई विभाग के सहायक आयुक्त वी.के. मौर्य ने उद्यमियों से कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एनपीएस को अपनाने की अपील की।
नामांकन प्रक्रिया पर मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न प्वाइंट्स ऑफ प्रेज़ेंस (PoPs) के प्रतिनिधियों ने प्रतिभागियों को एनपीएस खाता खोलने की प्रक्रिया, निवेश विकल्प, पेंशन लाभ और डिजिटल सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
वित्तीय समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि एमएसएमई क्षेत्र में एनपीएस के प्रति बढ़ती जागरूकता कर्मचारियों के लिए दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि उद्यमी अब व्यवसायिक विकास के साथ-साथ अपने कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय समावेशन को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
यह जागरूकता अभियान एमएसएमई क्षेत्र में पेंशन संस्कृति को मजबूत करने और देश में समावेशी आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक प्रभावी पहल माना जा रहा है।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
