वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
देश के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने बैंकिंग क्षेत्र में भाषाई बाधाओं को समाप्त करने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाया है। बैंक ने द्वारका, नई दिल्ली स्थित अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में ‘डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग’ (डीआईबीडी) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में सहमति इस रणनीतिक साझेदारी को पीएनबी के कार्यपालक निदेशक श्री एम. परमसिवम, डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के सीईओ श्री अमिताभ नाग, और पीएनबी के डिजिटल बैंकिंग ट्रांसफॉर्मेशन प्रभाग (डीबीटीडी) के मुख्य महाप्रबंधक श्री आतिश कुमार राउत की गरिमामयी उपस्थिति में औपचारिक रूप दिया गया।
वॉइस और टेक्स्ट आधारित बहुभाषी एकीकरण इस ऐतिहासिक साझेदारी के अंतर्गत भाषिणी की अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को पीएनबी के डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसके माध्यम से बैंक के ग्राहक अपनी स्थानीय और पसंदीदा भारतीय भाषाओं में आवाज़ (वॉइस) तथा पाठ (टेक्स्ट) दोनों माध्यमों से सुरक्षित और निर्बाध बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।
समावेशी डिजिटल बदलाव की ओर कदम इस अवसर पर पीएनबी के कार्यपालक निदेशक श्री एम. परमसिवम ने कहा, “यह सहयोग इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कैसे हमारा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर समावेशी डिजिटल परिवर्तन को गति दे सकता है। बहुभाषी एआई को लोक सेवाओं से जोड़कर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि डिजिटल बैंकिंग देश के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक के लिए भी सरल और सुलभ हो।”
वित्तीय सेवाओं में भाषा की बाधा का अंत डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के सीईओ श्री अमिताभ नाग ने साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “बैंकिंग जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भाषा कभी भी बाधा नहीं बननी चाहिए। पीएनबी के साथ यह सहयोग ‘वॉइस-फर्स्ट’ बहुभाषी बैंकिंग के हमारे दृष्टिकोण को धरातल पर उतारेगा, जिससे वित्तीय तंत्र अधिक सहज और नागरिक-केंद्रित बनेगा।”
ग्राहक-केंद्रित और सुरक्षित डिजिटल ढांचा पीएनबी के डीबीटीडी विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्री अतिश कुमार राउत ने प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अत्याधुनिक एआई तकनीकों का यह समन्वय विभिन्न भाषाई पृष्ठभूमि वाले करोड़ों ग्राहकों के बैंकिंग अनुभव को अभूतपूर्व रूप से सुगम और सुरक्षित बनाएगा।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
