वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 98वें स्थापना दिवस के गरिमामयी अवसर पर लखनऊ स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (आईसीएआर-सीआईएसएच) की अभूतपूर्व वैज्ञानिक उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च सराहना मिली है। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव तथा आईसीएआर के महानिदेशक ने अपनी मुख्य प्रस्तुति में संस्थान के नवाचारों की सराहना की।
आम निर्यात में ऐतिहासिक क्रांति: हवाई मार्ग के मुकाबले समुद्री मार्ग से लागत 93% से अधिक घटी संस्थान द्वारा विकसित ‘समुद्री मार्ग (Sea Route) निर्यात प्रोटोकॉल’ ने भारतीय बागवानी निर्यात परिदृश्य को बदल दिया है। जहाँ पहले हवाई मार्ग से आम के निर्यात पर ₹225 प्रति किलोग्राम का भारी खर्च आता था, वहीं इस नई तकनीक से यह लागत नाटकीय रूप से घटकर मात्र ₹15 प्रति किलोग्राम रह गई है। इस सफल तकनीक के माध्यम से भारतीय आम को सिंगापुर तक समुद्री मार्ग से सुरक्षित भेजा गया है, जिसने भारतीय कृषि-उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को एक नया आयाम दिया है।
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण हेतु तीन महत्वपूर्ण समझौतों का विमोचन कृषि-व्यापार और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से समारोह के दौरान तीन समझौता ज्ञापनों (MoUs) का विमोचन किया गया। इसके तहत आम में थैला बंदी (Mango Bagging) तकनीक तथा फलों की शेल्फ लाइफ (भंडारण क्षमता) बढ़ाने वाली विशिष्ट ‘मेंटवॉश’ (Mentwash) तकनीक का व्यावसायिक हस्तांतरण मेटा एग्रीटेक को किया गया है।
‘अवध अभय’ और ‘अवध समृद्धि’ का देशव्यापी विस्तार संस्थान द्वारा विकसित पर्यावरण-अनुकूल तथा कीट-प्रतिरोधी आम की उन्नत किस्मों ‘अवध अभय’ एवं ‘अवध समृद्धि’ को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने हेतु इनकी नर्सरी प्रौद्योगिकी का सफल हस्तांतरण पश्चिम बंगाल के लिए किया गया है, जिससे पूर्वी भारत के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मिल सकेंगे।
पर्यावरण-अनुकूल कीट प्रबंधन: फ्रूट फ्लाई और ग्लो ट्रैप लॉन्च टिकाऊ खेती की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कार्यक्रम में सीआईएसएच द्वारा विकसित ‘फ्रूट फ्लाई इन्सेक्ट ट्रैप’ तथा ‘ग्लो ट्रैप’ का भी आधिकारिक विमोचन किया गया। ये स्वदेशी प्रौद्योगिकियाँ रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर प्रभावी एवं पर्यावरण-अनुकूल कीट नियंत्रण सुनिश्चित करेंगी।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
