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गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा में सरकार और व्यवस्था पर सवाल—अविमुक्तेश्वरानंद

गो संरक्षण को लेकर शंकराचार्य का बड़ा संदेश

राम मंदिर और गो संरक्षण के मुद्दे पर दोहराए अपने आरोप

 वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल

गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दूसरे दिन ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो संरक्षण, राज्य सरकार की नीतियों और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर तीखी टिप्पणियां कीं। तरबगंज विधानसभा क्षेत्र के बल्लीपुर गांव में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य देशभर में गो संरक्षण के प्रति जनजागरण करना है।

सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि “गोहत्या करने वालों को वोट नहीं, चोट देंगे।” उन्होंने लोगों से गो संरक्षण के पक्ष में खड़े होने और इसे सामाजिक आंदोलन बनाने की अपील की।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि गाय को केवल पशु मानकर गोशालाओं तक सीमित किया जा रहा है, जबकि सनातन परंपरा में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि देश में गोशालाओं के बजाय “गोधाम” की अवधारणा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि गाय के संरक्षण को लेकर सरकार के कथन और व्यवहार में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं तथा उनका संरक्षण केवल धार्मिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है।

राम मंदिर से जुड़े कथित धन गबन के मुद्दे पर भी उन्होंने अपने पूर्व आरोप दोहराए और दावा किया कि इस विषय से लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस संदर्भ में कुछ राजनीतिक दलों तथा संगठनों का भी उल्लेख किया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से इस अवसर तक कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की, जिसने सभा में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का संचालन विधानसभा प्रभारी सूरज सिंह ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

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