ऑपरेशन CY-VAJRA की बड़ी कामयाबी
विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश
चार मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 31 लैपटॉप, 14 मोबाइल और ₹18.50 लाख नकद बरामद
अमेरिकी अधिकारियों का फर्जी रूप धरकर विदेशी नागरिकों से की जाती थी वसूली
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल #
उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन CY-VAJRA के तहत पूर्वी जोन की सर्विलांस/क्राइम टीम और विभूतिखंड पुलिस ने एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। विदेशी नागरिकों, विशेषकर अमेरिका के लोगों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले इस फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
फर्जी वेबसाइट से रचा जाता था साइबर जाल
जांच में सामने आया कि गिरोह “Apple Customer Support” के नाम से फर्जी वेबसाइट संचालित करता था। गूगल विज्ञापनों के माध्यम से वेबसाइट को शीर्ष परिणामों में दिखाया जाता था ताकि सहायता खोज रहे विदेशी नागरिक सीधे इनके जाल में फंस जाएं। VOIP सिस्टम के जरिए कॉल सेंटर संचालित होता था और प्रशिक्षित एजेंट पीड़ितों से अंग्रेजी में बातचीत करते थे।
FTC और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट अधिकारी बनकर धमकाते थे
गिरोह के सदस्य खुद को Federal Trade Commission (FTC) तथा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी बताकर पीड़ितों को कानूनी कार्रवाई का भय दिखाते थे। डर और भ्रम का माहौल बनाकर उनसे गिफ्ट कार्ड, नकदी, सोना अथवा अन्य माध्यमों से बड़ी रकम वसूल की जाती थी। प्राप्त धन हवाला नेटवर्क के जरिए भारत तक पहुंचाया जाता था।
डिजिटल अपराध का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त
पुलिस कार्रवाई में 31 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, दो राउटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी दस्तावेज, स्क्रिप्ट, VOIP सिस्टम तथा ₹18.50 लाख नकद बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था।
तकनीक के सहारे ठगी, कानून की सख्त चोट
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है। डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और वित्तीय नेटवर्क की भी तलाश जारी है।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
