भारत–थाईलैंड खाद्य साझेदारी को नई उड़ान
लखनऊ बना एग्री-फूड प्रोसेसिंग सहयोग का अंतरराष्ट्रीय मंच
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित भारत–थाईलैंड इंटरैक्टिव बिज़नेस संवाद ने खाद्य प्रसंस्करण, कृषि-व्यवसाय और निर्यात क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति प्रदान की। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने निवेश, तकनीकी सहयोग और वैश्विक खाद्य व्यापार के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा की।
थाई प्रतिनिधिमंडल ने दिखाई रणनीतिक रुचि
बैठक में थाईलैंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सुश्री पैयादा हंचासिक्साकुल ने किया। प्रतिनिधिमंडल में थाई ट्रेड सेंटर, नई दिल्ली तथा नेशनल फूड इंस्टीट्यूट (एनएफआई), उद्योग मंत्रालय, थाईलैंड के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। दोनों देशों के बीच खाद्य उद्योग में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
उत्तर प्रदेश बना निवेश का उभरता केंद्र
सीआईआई उत्तर प्रदेश की ओर से श्री सुदीप गोयनका, सह-संयोजक, एग्री एवं फूड प्रोसेसिंग पैनल तथा निदेशक, गोल्डी ग्रुप ने संवाद का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता के कारण देश का सबसे बड़ा संभावनाशील बाजार बनकर उभर रहा है। राज्य में खाद्य उद्योग के लिए अनुकूल नीतियां और विशाल उपभोक्ता आधार विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
हलाल एवं प्रोसेस्ड फूड बाजार पर विशेष चर्चा
बैठक के दौरान भारतीय बाजार में प्रोसेस्ड, आयातित और हलाल-प्रमाणित खाद्य उत्पादों की तेजी से बढ़ती मांग पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं की बदलती पसंद, आधुनिक रिटेल नेटवर्क, खाद्य सुरक्षा मानकों तथा निर्यात संभावनाओं का विश्लेषण करते हुए दोनों देशों के उद्योगों के बीच नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान की।
व्यापार और निवेश को मिलेगा नया आयाम
संवाद में खाद्य प्रसंस्करण, कृषि-व्यवसाय, रिटेल, निर्यात और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े सीआईआई सदस्य उद्योगों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने तकनीकी सहयोग, संयुक्त निवेश, मूल्य संवर्धन, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण तथा वैश्विक बाजारों में संयुक्त उपस्थिति बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत और थाईलैंड के बीच खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नई साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगी और उत्तर प्रदेश को वैश्विक एग्री-फूड निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
