50 ग्रामीण महिलाओं को जूट बैग व चिकनकारी का नि:शुल्क प्रशिक्षण
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से डालीगंज स्थित मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्र में 15 दिवसीय विशेष कौशल सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। 10 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक संचालित होने वाले इस प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि उ०प्र० अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री बैजनाथ रावत ने फीता काटकर, गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जूट बैग निर्माण और पारंपरिक चिकनकारी में निपुण होंगी महिलाएं
इस योजना के तहत जनपद लखनऊ के विभिन्न ग्रामीण अंचलों की चयनित 50 महिलाओं को शामिल किया गया है। इसमें 25 महिलाओं को कौशल सुधार (एस०सी०एस०पी०) कार्यक्रम के अंतर्गत ‘जूट बैग निर्माण’ तथा 25 महिलाओं को ‘सामान्य कौशल सुधार’ के तहत लखनऊ की विश्व प्रसिद्ध ‘चिकनकारी’ ट्रेड में 15 दिनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्वदेशी उत्पादों और आत्म-रोजगार पर मुख्य अतिथि का बल
प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री बैजनाथ रावत ने कहा कि महिलाएं अपनी हुनरमंदी बढ़ाकर केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और अपना उद्योग स्थापित कर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं सूचना विभाग की पूर्व उप निदेशक श्रीमती मधु तांबे ने भी महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
सरकारी योजनाओं से मिलेगा सीधा वित्तीय पोषण
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी श्री अवधेश कुमार गौतम ने महिलाओं को व्यवसाय स्थापित करने के लिए संचालित पी०एम०ई०जी०पी०, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाले ऋण व अनुदान की विस्तृत जानकारी दी। प्राचार्य श्रीमती तनुजा ने प्रशिक्षण के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रशिक्षण प्रभारी श्री महेंद्र प्रताप सिंह, श्री शिशुपाल सिंह और श्री जितेंद्र नाथ शुक्ल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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