ऑल इंडिया जमीयतुल मंसूर के समारोह में हाजियों, मेधावी छात्रों और समाजसेवियों का हुआ सम्मान
हज को समझकर अदा करें, यह अल्लाह की खास नेमत है : मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली
संगठन की मजबूती और समाज के उत्थान पर वक्ताओं ने दिया जोर
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल

। राजधानी के सहकारिता भवन में रविवार को ऑल इंडिया जमीयतुल मंसूर के तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह-2026 सामाजिक एकता, शिक्षा और सेवा भावना का प्रेरक उदाहरण बन गया। कार्यक्रम में हज से लौटे दर्जनों हाजियों, विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं तथा समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि इमाम ईदगाह एवं इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि हज इस्लाम का महत्वपूर्ण फ़र्ज़ है और जिस पर हज फ़र्ज़ हो जाए, उसे बिना विलंब इसे अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हज केवल यात्रा नहीं बल्कि इबादत, अनुशासन और आध्यात्मिक आत्मशुद्धि का माध्यम है। उन्होंने हाजियों को अल्लाह का मेहमान बताते हुए उनके लिए दुआएं भी कीं।

कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल अजीज मंसूरी ने किया, जबकि अध्यक्षता पूर्व विधायक हाफिज इरशाद अहमद मंसूरी ने की। राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी बब्बू मंसूरी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अपने संबोधन में हाफिज इरशाद मंसूरी ने संगठन की स्थापना, उसके उद्देश्य और समाज की वर्तमान आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंसारी और मंसूरी समाज यदि एकजुट होकर कार्य करें तो सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास की नई दिशा तय की जा सकती है।

विशेष अतिथि हाजी बब्बू मंसूरी ने मंसूरी समाज के लिए आयोग के गठन तथा बिजली बिल में रियायत जैसी सुविधाओं की मांग उठाई। साजिद मंसूरी ने संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
प्रदेश के हज मंत्री दानिश आजाद अंसारी कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने मोबाइल के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए संगठन को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बसित अली, उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति के सदस्य सैय्यद अली वारसी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण दिल्ली होटल अग्निकांड में अनेक लोगों की जान बचाने वाले रियाज मंसूरी और उनके पुत्र अरमान मंसूरी का सम्मान रहा। इसके अलावा बड़ी संख्या में हाजियों, समाजसेवियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। संचालन मोहम्मद गुफरान नसीम ने किया तथा अंत में अब्दुल अजीज मंसूरी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
