वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल #
उत्तर प्रदेश स्टेट जीएसटी ऑफिसर्स एसोसिएशन की 55वीं दो दिवसीय वार्षिक आमसभा का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए ट्रांसफर-पोस्टिंग की विडंबनाओं, कैडर पुनरीक्षण और प्रदेश की $1$ ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर अत्यंत गंभीर एवं सशक्त विचार व्यक्त किए।

ट्रांसफर-पोस्टिंग का अनोखा समाधान
प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने स्वीकार किया कि तबादलों के दौरान अक्सर जटिल परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं। जब एक ही कुर्सी पर लंबे समय से जमे लोग हटना नहीं चाहते और दूरदराज में तैनात अधिकारी अदालती आदेशों के सहारे पास आने की होड़ लगाते हैं, तो नीति बनाना बेहद कठिन हो जाता है। इसका व्यावहारिक रास्ता निकालते हुए उन्होंने ऐसे अधिकारियों के लिए $25$ किलोमीटर के रेडियस (दायरे) में ही समायोजन का फॉर्मूला अपनाया, ताकि किसी की व्यक्तिगत जीवनशैली प्रभावित न हो।

वर्ष 2010 के बाद कैडर रिव्यू का मार्ग प्रशस्त
अधिकारियों की लंबे समय से लंबित मांग पर संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि वर्ष 2010 से जीएसटी कैडर का रिव्यू नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन स्तर पर इस विषय को मजबूती से रखा जाएगा, ताकि केंद्रीय जीएसटी की तर्ज पर यूपीजीएसटी के अधिकारियों को भी पदोन्नति और करियर में बेहतर अवसर मिल सकें।
$1$ ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में $60\%$ की हिस्सेदारी
उन्होंने अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि हमारा मुख्य ध्यान राज्य को $1$ ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने पर होना चाहिए, क्योंकि प्रदेश के नागरिकों की जरूरतों और विकास कार्यों में जीएसटी विभाग का योगदान $60\%$ से अधिक रहता है। साथ ही उन्होंने जनता के बीच जीएसटी से जुड़े भ्रम दूर करने और निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।

दो दिवसीय आमसभा में प्रदेशभर के सहायक आयुक्त और उपायुक्त स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दूसरे दिन नई कार्यकारिणी का चुनाव होगा, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए दो और महासचिव पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं।

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