वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
राजधानी के गोमती नगर स्थित होटल रॉयल ग्रैंड में “आला हज़रत: ज्ञान, अनुकंपा और बुद्धिमत्ता का बहुआयामी व्यक्तित्व” विषय पर एक गरिमामयी और प्रभावपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विद्वानों, विचारकों और गणमान्य हस्तियों ने एकजुट होकर आला हज़रत की अद्वितीय बौद्धिक क्षमता, नैतिक दर्शन और मानवतावादी विचारों पर गहन विचार-विमर्श किया।
रूहानी और बौद्धिक चेतना का अनूठा संगम
संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने आला हज़रत के विचारों, सामाजिक समरसता और ज्ञान के विविध पहलुओं को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युग की सामाजिक और नैतिक चुनौतियों का समाधान उनके दिखाए गए शिक्षा, करुणा और न्याय के मार्ग में ही निहित है।
प्रमुख दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में केरल से आए विशिष्ट विद्वान मोहम्मद फारूक नईम अल बुखारी ने अपने ओजस्वी विचारों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अतिरिक्त महमूद खान, अली हसन, असिफ जे. रिजवी और सदस्य मोहम्मद इकबाल कादरी ने सहभागिता कर अपने विचार रखे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

नैतिक मूल्यों और युवा सशक्तीकरण पर बल
समारोह में सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन (SSF) केरल के गौरवशाली योगदान की भी सराहना की गई। वर्ष 1973 में कांतपुरम ए. पी. अबूबकर मुसलियार के मार्गदर्शन में स्थापित यह संगठन लगातार शिक्षा, समाज कल्याण और सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में जुटा हुआ है। यह सेमिनार युवाओं को नैतिक और वैचारिक रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ।


Vittiya Samaveshan Ki Pathshala
