होटल ताज में आयोजित 11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप शिखर सम्मेलन में बोले मंत्री नन्दी
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल

राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित होटल ताज में इंडियन इन्वेस्टर्स फेडरेशन (आईआईएफ) द्वारा आयोजित ’11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप सम्मेलन एवं सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, डिजिटल नवाचार और उल्लेखनीय योगदान देने वाले देश के तमाम प्रमुख बैंकों, संस्थानों और विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया।

समारोह में देश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के शीर्ष बैंकों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे। सम्मेलन के दौरान तेजी से बदलते डिजिटल बैंकिंग परिदृश्य, वित्तीय सेवाओं के भविष्य और तकनीकी बदलावों पर व्यापक मंथन हुआ। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित बैंकिंग समाधान, फिनटेक और जोखिम प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि डिजिटल बैंकिंग अब केवल एक वैकल्पिक सुविधा नहीं रह गई है, बल्कि यह वित्तीय प्रणाली और आम नागरिकों के दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। डिजिटल बदलाव का दायरा अब केवल ऑनलाइन सेवाओं तक सीमित न रहकर बिजनेस मॉडल, परिचालन दक्षता, साइबर सुरक्षा और वित्तीय समावेशन के व्यापक दायरे तक फैल चुका है।
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों को सम्मानित किया गया। केनरा बैंक के एमडी एवं सीईओ ब्रजेश कुमार सिंह और पंजाब नेशनल बैंक के एमडी एवं सीईओ अशोक चंद्रा को ‘चेयरमैन अवॉर्ड 2026’ से नवाजा गया। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए ‘प्रेसिडेंट अवॉर्ड 2026’ प्रदान किया गया। बैंक ऑफ द ईयर श्रेणी में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया को सम्मानित किया गया, जबकि नॉन-लेंड श्रेणी में यूको बैंक को लगातार तीसरे वर्ष यह गौरव प्राप्त हुआ। इसके अलावा, वाराणसी के गोपाल गुप्ता को 75 वर्षों के औद्योगिक अनुभव, लखनऊ के शिक्षाविद एस.के. सिंह, दिल्ली के पुनित जैन, बैंकर अजय शुक्ला और 150 वर्षों की कारोबारी विरासत वाले चमन लाल को भी सम्मानित किया गया।


मुख्य अतिथि मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन के कारण आज डिजिटल बैंकिंग आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार बनकर उभरी है। एक समय था जब छोटे से काम के लिए भी बैंकों में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन आज मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतानों ने जीवन को बेहद सरल बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अत्यंत सराहनीय है।
मंत्री नन्दी ने बैंकिंग संस्थानों से आह्वान किया कि वे छोटे व्यापारियों, एमएसएमई उद्यमियों और ग्रामीण महिलाओं को सरल व समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने चेताया कि विकास के साथ साइबर अपराध जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं, जिनसे निपटने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल व्यवस्था का होना अनिवार्य है।

इस अवसर पर राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, आईआईएफ यूपी के प्रेसिडेंट आर.के. शरण, सीनियर वाईस प्रेसिडेंट संगीता श्रीवास्तव, सचिव एमएसएमई प्रांजल यादव, इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद, आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर पंकज कुमार, नाबार्ड के सीजीएम पंकज कुमार, एसबीआई के सीजीएम दीपेश राज और इंडियन बैंक के सीजीएम एस.के. गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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