खुदरा, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र को मिला वित्तीय संबल; अकेले एमएसएमई के लिए ₹615 करोड़ मंजूर
आरएएम सेक्टर को बड़ी ताकत
वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल
इंडियन बैंक ने अपने 120वें स्थापना दिवस पखवाड़ा समारोह के तहत मुंबई में मेगा ऋण संवितरण एवं ग्राहक संपर्क शिविर आयोजित किया। महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के लाभार्थियों को खुदरा, कृषि एवं एमएसएमई यानी आरएएम क्षेत्रों में कुल ₹1,220 करोड़ के ऋण स्वीकृति-पत्र वितरित किए गए।
एमएसएमई पर खास फोकस
कुल स्वीकृत राशि में से ₹615 करोड़ एमएसएमई क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए। बैंक का यह कदम छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए वित्तीय पहुंच बढ़ाने तथा रोजगार और उद्यमिता को गति देने की रणनीति का हिस्सा है।
समय पर ऋण जरूरी
इंडियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी बिनोद कुमार ने शिविर का उद्घाटन करते हुए लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि आम लोगों, किसानों और उद्यमियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए समय पर पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि खुदरा, कृषि और एमएसएमई क्षेत्र रोजगार सृजन, उद्यमिता और समावेशी आर्थिक विकास के प्रमुख वाहक हैं। बैंक ग्राहक-केंद्रित वित्तीय सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में काम करता रहेगा।
वित्तीय समावेशन को धार
बैंक के अनुसार यह पहल आरएएम क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने, ऋण की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करने और आम नागरिकों, किसानों तथा उद्यमियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के रणनीतिक लक्ष्य से जुड़ी है।
सीएसआर में भी सक्रियता
स्थापना दिवस समारोह के दौरान बैंक देशभर में विभिन्न कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम भी संचालित कर रहा है। इसी क्रम में मुंबई के विक्टोरिया मेमोरियल स्कूल फॉर द ब्लाइंड को कंप्यूटर, लैपटॉप और आवश्यक बुनियादी सामग्री उपलब्ध कराई गई।
खेलों को भी सहयोग
कोचीन में आयोजित कार्यक्रम में इंडियन बैंक की कार्यपालक निदेशक मिनी टी.एम. ने कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CUSAT) में खेल गतिविधियों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की।
इंडियन बैंक का यह अभियान बैंकिंग को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर उद्यमिता, कृषि, रोजगार और सामाजिक विकास से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।
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