पूजा श्रीवास्तव
वित्तीय समावेशन समाचार पटल
उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की विभागीय कार्यदायी संस्था बनाए जाने का अनुरोध किया है। निगम ने वर्ष 2020-21 तक अर्जित 267.60 लाख रुपये (लगभग ₹2.68 करोड़) का लाभांश राज्य सरकार को उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी है।

यूपीएसआईसी के उपाध्यक्ष नटवर गोयल ने कहा कि वर्ष 1958 में स्थापित निगम पिछले कई दशकों से प्रदेश में औद्योगिक विकास, औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण एवं रखरखाव, एमएसएमई इकाइयों को विपणन सहायता, रोजगार सृजन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के पास व्यापक अनुभव और संसाधन उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग विभागीय कार्यदायी संस्था के रूप में और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
नटवर गोयल ने कहा कि विभागीय कार्यदायी संस्था का दर्जा मिलने से औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन संभव होगा। इससे प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के अधिक अवसर सृजित होंगे।

निगम का कहना है कि सरकार को ₹2.68 करोड़ का लाभांश उपलब्ध कराना उसकी वित्तीय सुदृढ़ता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। यूपीएसआईसी ने उम्मीद जताई है कि सरकार उसके प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।
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