एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार के नेतृत्व में बैंक का कारोबार ₹15.96 लाख करोड़ के पार; डिजिटल लेनदेन की हिस्सेदारी 96 प्रतिशत
वित्तीय समावेशन की पाठशाला समाचार पटल
सार्वजनिक क्षेत्र के इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 14.71 प्रतिशत बढ़कर ₹3,462 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹3,018 करोड़ था। बैंक का परिचालन लाभ 46.58 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹7,090 करोड़ पहुंच गया।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (MD & CEO) बिनोद कुमार ने वित्तीय परिणामों के संदर्भ में बैंक की आय, ऋण विस्तार और परिचालन प्रदर्शन की जानकारी दी। बैंक की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुल कारोबार 14.22 प्रतिशत बढ़कर ₹15,96,018 करोड़ हो गया। शुद्ध ब्याज आय 17.83 प्रतिशत बढ़कर ₹7,719 करोड़ रही। गैर-ब्याज आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और यह 59 प्रतिशत बढ़कर ₹3,953 करोड़ पहुंच गई।
RAM क्षेत्र बना ऋण वृद्धि का प्रमुख आधार
इंडियन बैंक के ऋण कारोबार में रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस श्रेणी में कुल अग्रिम सालाना आधार पर 17.74 प्रतिशत बढ़कर ₹4,42,302 करोड़ हो गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹3,75,660 करोड़ थे। बैंक के सकल घरेलू अग्रिम में RAM क्षेत्र की हिस्सेदारी 67.04 प्रतिशत रही।
इस अवधि में खुदरा ऋण में 17.37 प्रतिशत, कृषि ऋण में 17.18 प्रतिशत और एमएसएमई ऋण में 19.06 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। होम लोन सहित मॉर्गेज ऋण में 12.33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ये आंकड़े बैंक की ऋण रणनीति में व्यक्तिगत ग्राहकों, किसानों और छोटे एवं मध्यम उद्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं।
अग्रिम और जमा दोनों में वृद्धि
बैंक के कुल अग्रिम 16.39 प्रतिशत बढ़कर ₹7,21,982 करोड़ हो गए। कुल जमा में 12.50 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह ₹8,74,036 करोड़ तक पहुंच गई। घरेलू CASA अनुपात 39.36 प्रतिशत रहा, जो चालू और बचत खातों में जमा राशि की स्थिति को दर्शाता है।
बैंक ने जमा प्रबंधन के तहत जून 2026 के ₹1.62 लाख करोड़ के स्तर से सितंबर 2026 में बल्क जमा, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट सहित, को 5.60 प्रतिशत घटाकर ₹1.52 लाख करोड़ किया। इसके अतिरिक्त, बैंक ने ₹22,486 करोड़ की नई FCNR(B) जमा जुटाई।
परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार
इंडियन बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) अनुपात सितंबर 2025 के 2.60 प्रतिशत से घटकर सितंबर 2026 में 1.61 प्रतिशत रह गया। शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NNPA) अनुपात 0.14 प्रतिशत रहा। प्रोविजन कवरेज रेशियो 98.22 प्रतिशत दर्ज किया गया।
बैंक का घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 3.42 प्रतिशत, परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (RoA) 1.31 प्रतिशत और इक्विटी पर प्रतिफल (RoE) 19.65 प्रतिशत रहा। पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.21 प्रतिशत दर्ज किया गया।
पहली छमाही में भी लाभ बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 12.42 प्रतिशत बढ़कर ₹6,735 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹5,991 करोड़ था। इस दौरान परिचालन लाभ 31.65 प्रतिशत बढ़कर ₹12,647 करोड़ और शुद्ध ब्याज आय 17.38 प्रतिशत बढ़कर ₹15,154 करोड़ रही।
डिजिटल बैंकिंग पर जोर
बैंक के कुल लेनदेन में डिजिटल माध्यमों की हिस्सेदारी 96 प्रतिशत रही। पहली छमाही में डिजिटल चैनलों के माध्यम से ₹1,45,344 करोड़ का कारोबार दर्ज किया गया। बैंक के मोबाइल बैंकिंग उपयोगकर्ताओं की संख्या सालाना आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 2.66 करोड़ पहुंच गई।
इंडियन बैंक देशभर में 6,017 घरेलू शाखाओं, 5,678 एटीएम एवं बैंकनोट स्वीकार करने वाली मशीनों तथा 18,379 बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के नेटवर्क के माध्यम से सेवाएं प्रदान कर रहा है।
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