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RBI की कार्रवाई: Valuefin India Credit Services पर ₹1.80 लाख का जुर्माना, शेयरहोल्डिंग नियमों की अनदेखी पड़ी भारी

26% से अधिक हिस्सेदारी में बदलाव से पहले RBI की लिखित अनुमति नहीं लेने पर नियामकीय कार्रवाई; अनुपालन व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

 वित्तीय समावेशन की पाठशाला | समाचार पटल

 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामकीय नियमों के अनुपालन में चूक के मामले में Valuefin India Credit Services Private Limited पर ₹1.80 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। RBI ने 11 अगस्त 2026 के आदेश के तहत यह कार्रवाई कंपनी द्वारा शेयरहोल्डिंग या नियंत्रण में बदलाव से संबंधित निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने पर की।

RBI के अनुसार, कंपनी में नए निवेशकों द्वारा उसके पेड-अप इक्विटी कैपिटल की 26 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी अथवा नियंत्रण हासिल करने से संबंधित मामले में नियामकीय निर्देशों के अनुपालन में कमी सामने आई। इसी आधार पर कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और उससे पूछा गया कि नियमों के उल्लंघन के लिए उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।

मामले में कंपनी के जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान रखे गए पक्ष पर विचार करने के बाद RBI ने पाया कि कंपनी ने शेयरहोल्डिंग में 26 प्रतिशत से अधिक बदलाव के लिए RBI से पूर्व लिखित अनुमति हासिल नहीं की थी।

यही चूक कंपनी पर कार्रवाई की मुख्य वजह बनी। RBI ने स्पष्ट किया कि नियामकीय व्यवस्था में हिस्सेदारी या नियंत्रण से जुड़े बदलावों के लिए निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। ऐसे मामलों में नियमों की अनदेखी वित्तीय संस्थानों की अनुपालन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर सकती है।

हालांकि, RBI ने यह भी साफ किया है कि लगाया गया मौद्रिक जुर्माना किसी ग्राहक के साथ कंपनी द्वारा किए गए लेन-देन या समझौते की वैधता पर टिप्पणी नहीं है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से नियामकीय अनुपालन में पाई गई कमी के आधार पर की गई है।

RBI ने यह भी कहा कि मौद्रिक दंड लगाए जाने से उसके द्वारा कंपनी के खिलाफ आगे की किसी अन्य कार्रवाई की संभावना प्रभावित नहीं होती।

यह मामला वित्तीय क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है—शेयरहोल्डिंग और नियंत्रण में बदलाव केवल कारोबारी निर्णय नहीं, बल्कि नियामकीय जिम्मेदारी भी है। निर्धारित अनुमति और अनुपालन प्रक्रिया की अनदेखी कंपनियों के लिए आर्थिक दंड और आगे की नियामकीय कार्रवाई का कारण बन सकती है।

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